|| ॐ श्री गणेशाय नमः || सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः || असतो मा सद्गमय तमसो मा ज्योतिर्गमय ||

लक्ष्मी आरती

✍️ लेखक: पंडित शिवम तिवारी
📲 WhatsApp शेयर
🪔 माँ लक्ष्मी

ॐ जय लक्ष्मी माता, लक्ष्मी आरती

आरती · संपूर्ण हिंदी पाठ एवं अर्थ सहित

दिवाली की रात हो या शुक्रवार का दिन, हर घर में यह आरती गूंजती है। माँ लक्ष्मी को सुख-समृद्धि और धन की देवी माना जाता है, और यह आरती उन्हीं की स्तुति में गाई जाती है। घर की महिलाएं इसे सबसे ज़्यादा श्रद्धा से गाती हैं, दीयों की रोशनी के बीच।

आरती के बोल

हिंदी

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…

उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता।
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…

दुर्गा रूप निरंजनि, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…

तुम पाताल निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म प्रभाव प्रकाशक, जगनिधि की त्राता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…

जिस घर में तुम रहती, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता…

शुभ गुण मन्दिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।

Transliteration

Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata.
Tumko Nisadin Sevat, Har Vishnu Vidhata.
Om Jai Lakshmi Mata…

Uma Rama Brahmani, Tum Hi Jag Mata.
Surya Chandrama Dhyavat, Narad Rishi Gata.
Om Jai Lakshmi Mata…

Durga Roop Niranjani, Sukh Sampatti Data.
Jo Koi Tumko Dhyavat, Riddhi Siddhi Dhan Pata.
Om Jai Lakshmi Mata…

Tum Patal Nivasini, Tum Hi Shubhdata.
Karma Prabhav Prakashak, Jagnidhi Ki Trata.
Om Jai Lakshmi Mata…

Jis Ghar Mein Tum Rehti, Sab Sadgun Aata.
Sab Sambhav Ho Jata, Man Nahi Ghabrata.
Om Jai Lakshmi Mata…

Tum Bin Yagya Na Hote, Vastra Na Koi Pata.
Khan Paan Ka Vaibhav, Sab Tumse Aata.
Om Jai Lakshmi Mata…

Shubh Gun Mandir Sundar, Ksheerodadhi Jata.
Ratna Chaturdash Tum Bin, Koi Nahi Pata.
Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata.

अर्थ और भाव

इस आरती में माँ लक्ष्मी को जगत माता, सुख-समृद्धि देने वाली और हर घर की शोभा बढ़ाने वाली देवी के रूप में वर्णित किया गया है। कहा गया है कि जिस घर में माँ लक्ष्मी का वास होता है, वहां हर काम सफल होता है और मन में कोई घबराहट नहीं रहती। यह भी बताया गया है कि बिना उनकी कृपा के न कोई यज्ञ पूर्ण होता है, न वस्त्र-भोजन का सुख मिलता है, यानी जीवन की हर समृद्धि उन्हीं की कृपा से है।

कब गाएं: शुक्रवार, दिवाली, धनतेरस, या किसी भी लक्ष्मी पूजा के अंत में यह आरती गाना शुभ माना जाता है।
शास्त्रोक्त अनुष्ठान सामग्री प्रामाणिक स्रोत • गीताप्रेस गोरखपुर

इस अनुष्ठान एवं दैनिक साधना हेतु आवश्यक प्रामाणिक सामग्री

कर्मकांडी आचार्यों के परामर्श अनुसार पूजा-पाठ में केवल शुद्ध धातु के पात्र एवं प्रामाणिक धर्मग्रंथों का ही उपयोग करना चाहिए:

★ 4.9 • गीताप्रेस गोरखपुर
श्रीमद्भगवद्गीता (साधक संजीवनी)
स्वामी रामसुखदास जी टीका (₹450)
अमेज़न पर देखें ↗
★ 4.8 • हरिद्वार प्रमाणित
5-मुखी रुद्राक्ष जाप माला
108+1 मनके वैदिक जाप हेतु (₹499)
अमेज़न पर देखें ↗
शुद्ध पीतल पंचमुखी दीपक, हवन पात्र एवं गंगाजल संग्रह देखें। संपूर्ण पूजा सामग्री भंडार देखें →
पंडित दर्शन - सनातन ज्ञान केंद्र

यदि आपको यह विधि या लेख उपयोगी लगा हो, तो अपने परिजनों व मित्रों के साथ साझा करें।

📲 परिजनों को शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *