गृह प्रवेश पूजा विधि, सामग्री एवं मंत्र
नया घर बनाना या खरीदना जीवन के सबसे बड़े सपनों में से एक है। इसलिए जब उस घर में पहली बार प्रवेश करने का समय आता है, तो गृह प्रवेश पूजा के माध्यम से घर को शुद्ध कर, वास्तु दोष दूर कर और देवताओं का आशीर्वाद लेकर प्रवेश करने की परंपरा है, ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे।
गृह प्रवेश के प्रकार
वास्तु शास्त्र के अनुसार गृह प्रवेश तीन प्रकार का होता है, नवीन गृह प्रवेश (नए बने घर में पहली बार प्रवेश), द्वंद्व गृह प्रवेश (आग या अन्य कारण से क्षतिग्रस्त घर की मरम्मत के बाद प्रवेश), और अपूर्व गृह प्रवेश (पुराने घर को बेचकर या छोड़कर वर्षों बाद पुनः उसी में प्रवेश)। सामान्यतः लोग नवीन गृह प्रवेश के लिए ही पूजा करवाते हैं।
पूजा से पहले की तैयारी
- पंडित जी से पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त निकलवाएं, गृह प्रवेश के लिए तिथि, नक्षत्र और वार का विशेष ध्यान रखा जाता है।
- घर की पूरी सफाई करवाएं और मुख्य द्वार को सजाएं, बंदनवार और रंगोली से।
- घर के हर कमरे में गंगाजल का छिड़काव करें।
- प्रवेश से पहले घर में हवन और पूजा की व्यवस्था करें।
आवश्यक सामग्री
- गणेश जी एवं वास्तु देवता की मूर्ति या चित्र
- कलश, जल, आम के पत्ते और नारियल सहित
- हवन सामग्री, हवन कुंड, आम की लकड़ी, घी, हवन सामग्री मिश्रण
- अक्षत, रोली, हल्दी, कुमकुम
- दूध, जिसे सबसे पहले उबालकर घर में शुभ शुरुआत की जाती है
- तांबे के कलश में जल, घर के हर कोने में छिड़कने के लिए
- दीपक एवं धूप
- फल, फूल, मिठाई
- नई झाड़ू, घर की पहली सफाई के प्रतीक स्वरूप
पूजा विधि
- मुख्य द्वार पूजा, सबसे पहले घर के मुख्य द्वार की पूजा करें, स्वस्तिक बनाएं और तोरण बांधें।
- गणेश पूजा, विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा करें ताकि नए घर में कोई बाधा न आए।
- वास्तु पूजा, वास्तु देवता को प्रसन्न करने के लिए पूजा करें, विशेषकर घर के ब्रह्मस्थान (मध्य भाग) में।
- हवन करें, पंडित जी के मार्गदर्शन में हवन करें, यह वातावरण शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
- दूध उबालें, प्रवेश से पहले रसोई में सबसे पहले दूध उबालें, यह समृद्धि का प्रतीक है, ध्यान रहे दूध उफनकर बाहर बहे, यह शुभ माना जाता है।
- कलश सहित प्रवेश करें, घर के मुखिया या दंपत्ति जल से भरा कलश और गणेश जी की मूर्ति लेकर दाहिने पैर से घर में प्रवेश करें।
- हर कमरे में जल छिड़कें, घर के प्रत्येक कमरे में गंगाजल छिड़कते हुए घूमें।
- दीपक जलाएं, घर के हर कोने में एक-एक दीपक जलाएं, विशेषकर पूजा स्थान पर अखंड ज्योति जलाएं।
- आरती करें, गणेश जी एवं वास्तु देवता की आरती करें।
- प्रसाद वितरण करें, उपस्थित सभी परिजनों और पड़ोसियों में प्रसाद बांटें।
मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ वास्तु पुरुषाय नमः
ध्यान रखने योग्य बातें
- गृह प्रवेश के दिन घर खाली न रखें, उसी दिन से घर में रहना शुरू करें, कम से कम कुछ सामान और परिवार का कोई सदस्य वहां रात बिताए।
- गृह प्रवेश के तुरंत बाद घर में झगड़ा या नकारात्मक बातचीत से बचें।
- पूजा के दिन घर में मांस-मदिरा वर्जित मानी जाती है।
- यदि किसी कारण शुभ मुहूर्त में प्रवेश संभव न हो, तो पंडित जी से वैकल्पिक तिथि अवश्य पूछें, जल्दबाज़ी न करें।
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