|| ॐ श्री गणेशाय नमः || सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः || असतो मा सद्गमय तमसो मा ज्योतिर्गमय ||

दिवाली लक्ष्मी पूजा विधि 

✍️ लेखक: पंडित शिवम तिवारी
📲 WhatsApp शेयर
दिवाली लक्ष्मी पूजा विधि
🪔 माँ लक्ष्मी · गणेश जी

दिवाली लक्ष्मी पूजा विधि, सामग्री एवं मंत्र

पूजा विधि · संपूर्ण विधि, सामग्री और शुभ मुहूर्त सहित

दिवाली की रात हर घर में दीयों की रोशनी और लक्ष्मी पूजा की तैयारी होती है। इस दिन माँ लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है, क्योंकि जहां गणेश जी होते हैं वहां कोई विघ्न नहीं आता, और जहां विघ्न नहीं वहीं लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। यही कारण है कि दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा साथ में की जाती है।

दिवाली लक्ष्मी पूजा

पूजा से पहले की तैयारी

  • घर की अच्छी तरह सफाई करें, दिवाली से कई दिन पहले से यह शुरू कर देना शुभ माना जाता है।
  • घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और दीये सजाएं, माना जाता है कि लक्ष्मी जी स्वच्छ और सजे घरों में ही प्रवेश करती हैं।
  • पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में, स्थिर लग्न के शुभ मुहूर्त में करना सबसे उत्तम माना जाता है।
  • स्नान करके स्वच्छ, संभवतः नए वस्त्र पहनें।

आवश्यक सामग्री

  • माँ लक्ष्मी एवं गणेश जी की मूर्ति
  • लाल या पीला वस्त्र, चौकी पर बिछाने के लिए
  • कलश, जल और आम के पत्तों सहित
  • कमल का फूल या अन्य ताज़े फूल, माँ लक्ष्मी को कमल विशेष प्रिय है
  • पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर
  • रोली, सिंदूर, अक्षत, हल्दी
  • सिक्के और चांदी के आभूषण (यदि हों), समृद्धि के प्रतीक स्वरूप कलश के पास रखने के लिए
  • मिठाई एवं फल, भोग के लिए
  • धूप, दीप, कपूर
  • खील-बताशे, दिवाली पूजा में पारंपरिक रूप से चढ़ाए जाते हैं
  • बहीखाता (व्यापारियों के लिए), नए वर्ष के हिसाब-किताब की शुरुआत हेतु

पूजा विधि

  1. संकल्प लें, हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर पूजा का संकल्प लें।
  2. कलश स्थापना करें, जल से भरा कलश चौकी के पास स्थापित करें।
  3. गणेश जी की पूजा पहले करें, उन्हें रोली, अक्षत, दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
  4. माँ लक्ष्मी का आवाहन करें, हाथ जोड़कर श्रद्धा से माँ लक्ष्मी को पूजा में आमंत्रित करें।
  5. पंचामृत से स्नान कराएं, फिर शुद्ध जल से स्नान कराकर स्वच्छ वस्त्र से पोंछें।
  6. वस्त्र एवं आभूषण अर्पित करें, लाल या पीला वस्त्र और यदि हो तो आभूषण चढ़ाएं।
  7. रोली, अक्षत, हल्दी और सिंदूर से तिलक करें।
  8. कमल एवं अन्य फूल अर्पित करें।
  9. धूप-दीप दिखाएं।
  10. खील-बताशे एवं मिठाई का भोग लगाएं।
  11. लक्ष्मी मंत्र या स्तोत्र का पाठ करें (नीचे दिया गया है)।
  12. आरती करें, ॐ जय लक्ष्मी माता आरती के साथ, पूरे परिवार सहित।
  13. बहीखाता और तिजोरी की पूजा करें (व्यापारी वर्ग के लिए), नए वर्ष के शुभारंभ हेतु।
  14. प्रसाद वितरण करें और घर के हर कोने में दीये जलाएं।
लक्ष्मी गणेश पूजा

मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः

ध्यान रखने योग्य बातें

  • पूजा से पहले घर को अच्छी तरह साफ और रोशन रखें, अंधेरे और गंदे स्थान पर लक्ष्मी जी नहीं ठहरतीं, ऐसी मान्यता है।
  • पूजा के दौरान घर का मुख्य द्वार खुला रखें, ताकि माँ लक्ष्मी का स्वागत हो सके।
  • पूजा शांत और श्रद्धापूर्ण मन से करें, जल्दबाज़ी में नहीं।
  • रात भर कम से कम एक दीया जलता रहने दें।
महत्व: दिवाली लक्ष्मी पूजा केवल धन-समृद्धि पाने की कामना नहीं, बल्कि घर में स्वच्छता, सकारात्मकता और सद्भावना बनाए रखने का भी प्रतीक है। जहां स्वच्छता और शांति होती है, वहीं माँ लक्ष्मी का स्थायी वास माना जाता है।
शास्त्रोक्त अनुष्ठान सामग्री प्रामाणिक स्रोत • गीताप्रेस गोरखपुर

इस अनुष्ठान एवं दैनिक साधना हेतु आवश्यक प्रामाणिक सामग्री

कर्मकांडी आचार्यों के परामर्श अनुसार पूजा-पाठ में केवल शुद्ध धातु के पात्र एवं प्रामाणिक धर्मग्रंथों का ही उपयोग करना चाहिए:

★ 4.9 • गीताप्रेस गोरखपुर
श्रीमद्भगवद्गीता (साधक संजीवनी)
स्वामी रामसुखदास जी टीका (₹450)
अमेज़न पर देखें ↗
★ 4.8 • हरिद्वार प्रमाणित
5-मुखी रुद्राक्ष जाप माला
108+1 मनके वैदिक जाप हेतु (₹499)
अमेज़न पर देखें ↗
शुद्ध पीतल पंचमुखी दीपक, हवन पात्र एवं गंगाजल संग्रह देखें। संपूर्ण पूजा सामग्री भंडार देखें →
पंडित दर्शन - सनातन ज्ञान केंद्र

यदि आपको यह विधि या लेख उपयोगी लगा हो, तो अपने परिजनों व मित्रों के साथ साझा करें।

📲 परिजनों को शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *