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गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट 2026: शुभ मुहूर्त, गिरिराज परिक्रमा, 56 भोग विधान एवं गाय माता पूजन

✍️ लेखक: पंडित शिवम तिवारी
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गोवर्धन पूजा 2026 • अन्नकूट, 56 भोग एवं सुरभि गौ माता पूजन

त्वरित दर्शन (संक्षिप्त उत्तर)

वर्ष 2026 में गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव सोमवार, 9 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ 9 नवंबर 2026 को प्रातः 10:32 बजे से होगा। गोवर्धन पूजा का प्रातःकालीन शुभ मुहूर्त प्रातः 10:32 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक तथा सायंकालीन प्रदोष मुहूर्त दोपहर 03:18 बजे से शाम 05:32 बजे तक रहेगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र के मानमर्दन हेतु कनिष्ठिका अंगुली पर गिरिराज गोवर्धन को धारण करने की स्मृति में 56 प्रकार के पकवानों का अन्नकूट भोग अर्पित किया जाता है।

1. गोवर्धन पूजा 2026 पंचांग एवं त्रि-बिंदु मुहूर्त सारणी

मुहूर्त घटक (Muhurat Component) समय (9 नवंबर 2026, सोमवार) शास्त्रीय संदर्भ
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ 9 नवंबर 2026, प्रातः 10:32 बजे दीपावली के अगले दिन
प्रतिपदा तिथि समाप्त 10 नवंबर 2026, प्रातः 08:16 बजे इसके पश्चात भाई दूज प्रारंभ
प्रातः पूजा मुहूर्त प्रातः 10:32 से दोपहर 12:40 बजे तक चर व लाभ चौघड़िया
सायं पूजा मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ) दोपहर 03:18 से शाम 05:32 बजे तक प्रदोष काल गोधूलि वेला
अन्नकूट भोग समर्पण काल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक भगवान को 56 भोग अर्पण
पंडित शिवम तिवारी का शास्त्रीय परामर्श:
“गोवर्धन पूजा सदैव घर के आंगन में गाय के ताजे पवित्र गोबर से गिरिराज जी की आकृति बनाकर करनी चाहिए। उनके नाभि स्थान पर एक मिट्टी का दीपक रखें जिसमें दूध, दही, गंगाजल और बताशे समर्पित किए जाते हैं। गोवर्धन जी की परिक्रमा सदैव सपरिवार 7 बार दक्षिणावर्त (Clockwise) दिशा में करें।”

2. गोवर्धन निर्माण, 56 भोग एवं सुरभि गौ-पूजन विधि

गोवर्धन पूजा का मूल मंत्र है:

गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक। विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रदो भव॥

भावार्थ: हे पृथ्वी को धारण करने वाले गोवर्धन! हे गोकुल की रक्षा करने वाले प्रभु! भगवान विष्णु की भुजा से उठाए गए गिरिराज! आप हमें करोड़ों गायों और संतानों का सुख प्रदान करें।

गाय माता का पूजन:

इस दिन गायों को स्नान कराकर उनके सींगों पर गेरू और तेल लगाएं, उनके माथे पर कुंकुम का तिलक करें और उन्हें गुड़, हरी घास और अन्नकूट का प्रसाद खिलाएं।

पूजा सामग्री के लिए पंडितदर्शन सामग्री पृष्ठ देखें तथा पूजनोपरांत श्रीकृष्ण एवं गिरिराज जी की आरती करें।

3. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQPage Schema)

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शास्त्रोक्त अनुष्ठान सामग्री प्रामाणिक स्रोत • गीताप्रेस गोरखपुर

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