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छठ पूजा 2026 महापर्व: नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य के सटीक समय एवं सूर्य षष्ठी व्रत विधि

✍️ लेखक: पंडित शिवम तिवारी
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छठ पूजा 2026 महापर्व • नहाय-खाय, खरना, संध्या व उषा अर्घ्य विधान

त्वरित दर्शन (संक्षिप्त उत्तर)

वर्ष 2026 में आस्था का महापर्व ‘छठ पूजा’ (सूर्य षष्ठी व्रत) 13 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक मनाया जाएगा। 4 दिवसीय इस अनुष्ठान में:

  1. नहाय-खाय: शुक्रवार, 13 नवंबर 2026
  2. खरना (लोहंडा): शनिवार, 14 नवंबर 2026 (शाम 05:28 बजे के बाद खीर-रोटी का प्रसाद)
  3. संध्या अर्घ्य (डूबते सूर्य को): रविवार, 15 नवंबर 2026 (सूर्यास्त समय: शाम 05:27 बजे)
  4. उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को व पारण): सोमवार, 16 नवंबर 2026 (सूर्योदय समय: प्रातः 06:44 बजे)

1. छठ पूजा 2026 संपूर्ण चार दिवसीय पंचांग एवं अर्घ्य समय सारणी

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि भगवान सूर्य नारायण और उनकी मानस बहन छठी मैया (देवसेना) की आराधना का सर्वोच्च काल है:

दिवस एवं तिथि पर्व का नाम शास्त्रीय क्रिया एवं विधि सटीक समय (वर्ष 2026)
पहला दिन (13 नवंबर, शुक्र) नहाय-खाय पवित्र नदी स्नान, कद्दू-भात का सात्विक भोजन प्रातः 06:42 बजे स्नान उपरांत
दूसरा दिन (14 नवंबर, शनि) खरना (लोहंडा) दिनभर निर्जला व्रत, सायंकाल गुड़ की खीर का भोग सायं 05:28 बजे खरना प्रसाद
तीसरा दिन (15 नवंबर, रवि) संध्या अर्घ्य जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य शाम 05:27 बजे (सूर्यास्त)
चौथा दिन (16 नवंबर, सोम) उषा अर्घ्य उदीयमान सूर्य को अर्घ्य एवं 36 घंटे के व्रत का पारण प्रातः 06:44 बजे (सूर्योदय)
पंडित शिवम तिवारी का शास्त्रीय परामर्श:
“छठ पूजा सनातन संस्कृति का एकमात्र ऐसा महापर्व है जहां अस्ताचलगामी (डूबते हुए) सूर्य को भी पहले नमन किया जाता है। सूप और दउरा में केवल बांस से बने बर्तनों का ही उपयोग करें। ठेकुआ का प्रसाद शुद्ध गाय के घी और गेहूं के आटे तथा गुड़ से ही बनाया जाना चाहिए। अर्घ्य देते समय ताम्र पात्र में गाय का कच्चा दूध, लाल चंदन और लाल पुष्प अवश्य रखें।”

2. सूर्य अर्घ्य वैदिक मंत्र एवं छठी मैया का ध्यान

सूर्य देव को अर्घ्य समर्पित करते समय इस गायत्री एवं पौराणिक मंत्र का उच्चारण करें:

ॐ एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर॥

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणाय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा॥

पूजा सामग्री सूची हेतु पंडितदर्शन सामग्री तालिका देखें एवं अर्घ्य उपरांत भगवान सूर्य की पावन आरती करें।

3. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQPage Schema)

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“text”: “छठ पूजा 2026 में संध्या अर्घ्य रविवार 15 नवंबर को शाम 05:27 बजे और उषा अर्घ्य सोमवार 16 नवंबर को प्रातः 06:44 बजे दिया जाएगा।”
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“text”: “छठ पूजा का मुख्य निर्जला व्रत खरना की शाम से लेकर चौथे दिन प्रातः सूर्योदय के अर्घ्य तक लगभग 36 घंटे का अखंड उपवास होता है।”
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शास्त्रोक्त अनुष्ठान सामग्री प्रामाणिक स्रोत • गीताप्रेस गोरखपुर

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