त्वरित दर्शन (संक्षिप्त उत्तर)
वर्ष 2026 में गोपाष्टमी पर्व मंगलवार, 17 नवंबर 2026 को तथा अक्षय आंवला नवमी बुधवार, 18 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। गोपाष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने पहली बार गौ-चारण आरंभ किया था। आंवला नवमी पर धात्री (आंवला) वृक्ष की पूजा का सर्वश्रेष्ठ अमृत मुहूर्त प्रातः 06:46 बजे से दोपहर 12:06 बजे तक रहेगा। पद्म पुराण के अनुसार आंवला नवमी पर किया गया दान और तप ‘अक्षय’ (कभी नष्ट न होने वाला) होता है।
1. गोपाष्टमी एवं आंवला नवमी 2026 पंचांग सारणी
| पर्व का नाम | तिथि एवं वार | शुभ पूजा मुहूर्त | शास्त्रीय महात्म्य |
|---|---|---|---|
| गोपाष्टमी (गौ संवर्धन) | 17 नवंबर 2026, मंगलवार | प्रातः 08:08 से 10:48 बजे तक | 33 कोटि देवी-देवताओं का गौ-पूजन |
| अक्षय आंवला नवमी | 18 नवंबर 2026, बुधवार | प्रातः 06:46 से दोपहर 12:06 बजे तक | धात्री वृक्ष पूजन एवं भोजन |
| आंवला वृक्ष परिक्रमा काल | 18 नवंबर, प्रातः 09:30 से 11:30 बजे | 8, 28 या 108 परिक्रमा (कच्चा सूत लपेटना) |
“आंवला नवमी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे सात्विक भोजन पकाना और परिवार सहित उसी वृक्ष की छाया में पत्तलों पर भोजन ग्रहण करना साक्षात वैकुंठ का वास प्रदान करता है। आंवला वृक्ष में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का प्रत्यक्ष वास होता है। पूजन के समय पेड़ की जड़ में कच्चा दूध अर्पित कर हल्दी और कुंकुम लगाएं।”
2. कामधेनु सुरभि एवं धात्री वृक्ष स्तुति मंत्र
सर्वदेवमयी गावो गोपिकानन्दवर्द्धनाः। सुरभ्यः सन्तु मे नित्यं विष्णुपूजाप्रियाः सदा॥
धात्रि देवि नमस्तुभ्यं सर्वपापप्रणाशिनी। अक्षयं कुरु मे पुण्यं मुक्तिं देहि जनार्दन॥
3. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQPage Schema)
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