|| ॐ श्री गणेशाय नमः || सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः || असतो मा सद्गमय तमसो मा ज्योतिर्गमय ||
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ग्रंथालय

श्रीमद्भगवद्गीता द्वितीय अध्याय (सांख्य योग): ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का यथार्थ दर्शन एवं स्थितप्रज्ञ लक्षण

॥ महाभारत भीष्म पर्व • श्रीमद्भगवद्गीता दर्शन ॥ श्रीमद्भगवद्गीता सनातन ज्ञान का वह अनमोल मुकुटमणि है, जो मानव मन की हर दुर्बलता, अवसाद, संशय और विषाद का अचूक समाधान प्रस्तुत करता है। महाभारत के कुरुक्षेत्र में जब धनुर्धर अर्जुन अपनों के मोह में फंसकर गांडीव धनुष रखकर रथ के पिछले भाग में बैठ गया, तब […]

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श्रीरामचरितमानस बालकाण्ड की गूढ़ चौपाइयां: ‘बंदउँ गुरु पद पदुम परागा’ का आध्यात्मिक रहस्य एवं सत्संग

॥ श्रीरामचरितमानस दर्शन • बालकाण्ड मंगलाचरण ॥ गोस्वामी तुलसीदास जी विरचित ‘श्रीरामचरितमानस’ केवल एक पावन ग्रंथ नहीं, अपितु कलियुग में भवसागर पार करने वाली साक्षात ज्ञान-गंगा है। बालकाण्ड के प्रारंभ में जब गोस्वामी जी रामकथा का शुभारंभ करते हैं, तो वे सर्वप्रथम किसी देवी-देवता की स्तुति से पूर्व अपने सद्गुरु के श्रीचरणों की वंदना करते […]

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ramayan bala kand

रामचरितमानस | बालकाण्ड, भाग 11

🚩 रामायण · बालकाण्ड · भाग 11 बालकाण्ड, भाग 11, ध्रुव, अजामिल की मिसालें एवं कवि की प्रार्थना ग्रंथालय · मूल श्लोक, चौपाई, दोहा एवं हिंदी भावार्थ सहित भाग 10 में हमने पहला विश्राम पार किया। इस भाग में तुलसीदास जी कुछ प्रसिद्ध उदाहरणों से नाम की शक्ति सिद्ध करते हैं, ध्रुव, अजामिल, गज और […]

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बालकाण्ड, भाग 10, नाम महिमा का समापन एवं पहला विश्राम

रामचरितमानस | बालकाण्ड, भाग 10

🚩 रामायण · बालकाण्ड · भाग 10 बालकाण्ड, भाग 10, नाम महिमा का समापन एवं पहला विश्राम ग्रंथालय · मूल श्लोक, चौपाई, दोहा एवं हिंदी भावार्थ सहित भाग 9 में हमने पढ़ा कि तुलसीदास जी नाम को ब्रह्म और राम दोनों से बड़ा क्यों मानते हैं। इस भाग में वे इस बात को सुंदर उदाहरणों […]

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बालकाण्ड, भाग 9, नाम और ब्रह्म का गूढ़ रहस्य

रामचरितमानस | बालकाण्ड, भाग 9

🚩 रामायण · बालकाण्ड · भाग 9 बालकाण्ड, भाग 9, नाम और ब्रह्म का गूढ़ रहस्य ग्रंथालय · मूल श्लोक, चौपाई, दोहा एवं हिंदी भावार्थ सहित भाग 8 में हमने “राम” नाम के दो अक्षरों की महिमा पढ़ी। इस भाग में तुलसीदास जी और गहराई में जाते हैं, नाम और रूप के संबंध को समझाते […]

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बालकाण्ड, भाग 8, वंदना समापन एवं राम नाम की गूढ़ महिमा

रामचरितमानस | बालकाण्ड, भाग 8

🚩 रामायण · बालकाण्ड · भाग 8 बालकाण्ड, भाग 8, वंदना समापन एवं राम नाम की गूढ़ महिमा ग्रंथालय · मूल श्लोक, चौपाई, दोहा एवं हिंदी भावार्थ सहित भाग 7 में हमने अयोध्या और परिवार की वंदना पढ़ी। इस भाग में तुलसीदास जी हनुमान जी, वानर सेना, सीता माता की वंदना के साथ पूरे वंदना […]

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रामचरितमानस | बालकाण्ड, भाग 6

🚩 रामायण · बालकाण्ड · भाग 6 बालकाण्ड, भाग 6, महाकवियों को श्रद्धांजलि ग्रंथालय · मूल श्लोक, चौपाई, दोहा एवं हिंदी भावार्थ सहित भाग 5 में तुलसीदास जी ने राम की अपार महिमा के आगे अपनी सीमाओं को स्वीकार किया। इस भाग में वे बताते हैं कि कैसे महर्षि वाल्मीकि और वेदव्यास जैसे महाकवियों के […]

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रामचरितमानस | बालकाण्ड, भाग 5

🚩 रामायण · बालकाण्ड · भाग 5 बालकाण्ड, भाग 5, आत्मचिंतन एवं राम की अपार महिमा ग्रंथालय · मूल श्लोक, चौपाई, दोहा एवं हिंदी भावार्थ सहित भाग 4 में हमने पढ़ा कि कैसे राम नाम किसी भी साधारण रचना को भी मूल्यवान बना देता है। इस भाग में तुलसीदास जी और गहराई से आत्मचिंतन करते […]

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रामचरितमानस | बालकाण्ड, भाग 4

🚩 रामायण · बालकाण्ड · भाग 4 बालकाण्ड, भाग 4, कवि की विनम्रता एवं राम नाम महिमा ग्रंथालय · मूल श्लोक, चौपाई, दोहा एवं हिंदी भावार्थ सहित भाग 3 में वंदना खंड पूर्ण हुआ। इस भाग में तुलसीदास जी एक बहुत ही हृदयस्पर्शी मोड़ लेते हैं, वे स्वयं को एक साधारण, अल्पज्ञ कवि बताते हुए […]

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रामचरितमानस | बालकाण्ड, भाग 3

🚩 रामायण · बालकाण्ड · भाग 3 बालकाण्ड, भाग 3, गुण-दोष विवेक एवं सर्वव्यापी वंदना ग्रंथालय · मूल श्लोक, चौपाई, दोहा एवं हिंदी भावार्थ सहित भाग 2 में हमने संत-असंत की तुलना पढ़ी। इस भाग में तुलसीदास जी इस विषय को और गहराई से समझाते हैं, कैसे संसार में गुण और दोष दोनों साथ-साथ रहते […]

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